यात्रा ....
इंसान अपने जीवन काल में जितना समय दूसरों के लिए देता है ,
उससे आधा समय भी कभी खुदपे खर्च नहीं कर पाता …
घूमना हमारी जीवन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है.
जिसे करने से हमें मानसिक और शारीरिक तनाव से दूर रहते है
घूमने जाना हमारी मजबूरी नहीं जरुरत होनी चाहिए
इंसान अपने जीवन काल में जितना समय दूसरों के लिए देता है ,
उससे आधा समय भी कभी खुदपे खर्च नहीं कर पाता …
घूमना हमारी जीवन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है.
जिसे करने से हमें मानसिक और शारीरिक तनाव से दूर रहते है
घूमने जाना हमारी मजबूरी नहीं जरुरत होनी चाहिए
क्यूंकि आप जब भी कही अनजान जगह जाते है तो वहा का मौहोल वहांकी सुंदरता आपकी यादों में बस जाती है। जो आगे जाकर नयी प्रेरणा बन जाती है, जब भी आप खुदको उदास महसूस करे।
मुझे कभी वक्त मिलता है मै निकल पड़ता हु कहीं भी, अनजान जगह हो या जानी-पहचानी जगह हो।
मै जमकर मजा लेता हु घूमने का , अनजान जगह, अनजान लोग, अनजान मौसम, उन्हें जानना समजना और अपनी सिमित बुद्धि से उसका अवलोकन करना यही तो मै करता हु
लेकिन वहाँ मिले अनुभव लिखने का विचार मैंने कभी नहीं किया था. मेरे कुछ दोस्त यह काम अविरत करते आ रहे है। उनसे ही प्रेरणा लेकर मैंने भी लिखने ले बारे में सोचा . जाटदेवता संदीप जी .... निरज जाट जी .... मनु त्यागी जी … ये सभी महानुभाव मेरे लिए हमेशा प्रेरणा-स्त्रोत्र रहे है
मैंने जीतनी भी यात्राये की है उन्हें मै लिखने का प्रयास करने जा रहा हु। बहोत ही कठिन होने वाला है यह प्रयास , क्यूंकि मैंने कभी लिखकर अपने पास नहीं रखा जितना याद आएगा वह लिखने का प्रयास करने जा रहा हु। ....... आपके सहयोग की जरुरत है , मेरी गलतिया - खामिया जो उचित न लगे वह सब, आप मुझे बताईये , ताकि आगे जाकर मुझे लिखने में आसानी हो
मुझे कभी वक्त मिलता है मै निकल पड़ता हु कहीं भी, अनजान जगह हो या जानी-पहचानी जगह हो।
मै जमकर मजा लेता हु घूमने का , अनजान जगह, अनजान लोग, अनजान मौसम, उन्हें जानना समजना और अपनी सिमित बुद्धि से उसका अवलोकन करना यही तो मै करता हु
लेकिन वहाँ मिले अनुभव लिखने का विचार मैंने कभी नहीं किया था. मेरे कुछ दोस्त यह काम अविरत करते आ रहे है। उनसे ही प्रेरणा लेकर मैंने भी लिखने ले बारे में सोचा . जाटदेवता संदीप जी .... निरज जाट जी .... मनु त्यागी जी … ये सभी महानुभाव मेरे लिए हमेशा प्रेरणा-स्त्रोत्र रहे है
मैंने जीतनी भी यात्राये की है उन्हें मै लिखने का प्रयास करने जा रहा हु। बहोत ही कठिन होने वाला है यह प्रयास , क्यूंकि मैंने कभी लिखकर अपने पास नहीं रखा जितना याद आएगा वह लिखने का प्रयास करने जा रहा हु। ....... आपके सहयोग की जरुरत है , मेरी गलतिया - खामिया जो उचित न लगे वह सब, आप मुझे बताईये , ताकि आगे जाकर मुझे लिखने में आसानी हो